॥ श्री हनुमते नमः ॥
१०८

108 दिन। एक पन्ना रोज़। चालीसा अब आदत बनेगी।

बार-बार शुरू करके बीच में छूट जाता है? यह 141 पन्नों की जर्नल हर सुबह आपको एक साफ़ पन्ना देती है: पाठ करें, डिब्बे पर निशान लगाएँ, एक पंक्ति लिखें। बस इतना।

तुरंत ईमेल पर PDF · हिंदी + English · फ़ोन पर पढ़ें या प्रिंट करें
सच बताइए

चालीसा आपके पास है। रोज़ का क्रम नहीं।

PDF है, यूट्यूब हैपर कल क्या करना है, यह कोई नहीं बताता।
3 दिन चला, फिर रुक गयाएक दिन छूटा और पूरा संकल्प बिखर गया।
सब कुछ बिखरा हुआपाठ एक जगह, भजन दूसरी जगह, नियम तीसरी जगह।

इसका हल ज़्यादा भक्ति नहीं। एक साफ़ ढाँचा है।

हर दिन का पन्ना

रोज़ सिर्फ़ 5 मिनट का काम

दिन 07अध्याय 1 · आरंभ
Day 7 of 108
हनुमान चालीसा पाठ1 3 7 11  |  प्रातः संध्या
आज का छोटा अभ्यासदीपक जलाकर शांत बैठें
आज का चिंतनइन दिनों मेरे भीतर क्या बदला है?
आज मैं आभारी हूँ…
  • 1
    पाठ करें1, 3, 7 या 11 बार। जितना आपकी श्रद्धा कहे।
  • 2
    एक छोटा अभ्यास चुनेंदीपक, साँसें, मौन। वैकल्पिक और सरल।
  • 3
    एक प्रश्न का उत्तर लिखें108 अलग-अलग चिंतन-प्रश्न, हर दिन नया।
  • 4
    माला में मनका भरेंएक दिन, एक मनका। यात्रा आँखों के सामने बढ़ती है।
खुद आज़माइए

108 मनके। एक-एक करके।

जर्नल की माला ऐसे ही भरती है। मनकों को छूकर देखिए।

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9 अध्याय × 12 दिन

यात्रा, सिर्फ़ गिनती नहीं

हर 12 दिन एक नया भाव, एक नई चौपाई, नए सुझाव। इसलिए पन्ने दोहराव नहीं लगते।

पूरे पैकेज में

सब कुछ एक ही फ़ाइल में

108 दैनिक पन्ने

पाठ का डिब्बा, छोटा अभ्यास, चिंतन-प्रश्न, प्रार्थना, आभार और प्रगति-पट्टी। रोज़ एक साफ़ पन्ना।

संकल्प पृष्ठ

नाम, तिथि, भावना, रोज़ का नियम और पड़ाव की तिथियाँ।

मंगल-शनिवार ट्रैकर

पूरे 52 सप्ताह का अलग ट्रैकर।

परिवार ट्रैकर

8 सदस्यों तक, हर एक के 108 मनके।

30 चिंतन कार्ड

छापकर काटें या स्क्रीन पर पढ़ें।

मिनी हनुमान चालीसा

छपने योग्य, पूरा पाठ एक ही जगह।

समापन प्रमाण-पत्र

108 दिन पूरे होने की सुंदर स्मृति।

ईमानदारी से

यह किसके लिए है, किसके लिए नहीं

आपके लिए, अगर

  • आप पहले से हनुमान जी से जुड़े हैं
  • सुबह या शाम का एक शांत नियम चाहते हैं
  • मंगल-शनिवार की साधना व्यवस्थित करनी है
  • माता-पिता या परिवार को भक्ति-उपहार देना है

आपके लिए नहीं, अगर

  • आपको चमत्कारी परिणाम की गारंटी चाहिए
  • आप पूजा की एक ही "सही विधि" ढूँढ रहे हैं
  • आपको छपी हुई किताब चाहिए (यह डिजिटल PDF है)
आज ही शुरू करें

आज का दिन, दिन 1 बन सकता है

  • 141 पन्नों की हिंदी + English जर्नल (PDF)
  • 108 दैनिक पन्ने · 9 अध्याय · 108 चिंतन-प्रश्न
  • माला, मंगल-शनिवार और परिवार ट्रैकर
  • 30 चिंतन कार्ड · मिनी चालीसा · प्रमाण-पत्र
₹599एक बार का भुगतान · यानी ₹6 से भी कम प्रतिदिन

सुरक्षित भुगतान · खरीद के बाद PDF ईमेल पर

सवाल-जवाब

जो आप पूछना चाहेंगे

फ़ाइल कैसी है? कैसे इस्तेमाल करूँ?

A5 आकार की PDF। फ़ोन या टैबलेट पर पढ़ें, या प्रिंट करके पेन से भरें।

कोई दिन छूट गया तो?

कोई बात नहीं। जर्नल में लिखा है: स्वयं को दोष न दें, अगले दिन प्रेम से लौटें। छूटा दिन खाली छोड़ें या अंत में जोड़ लें।

क्या चालीसा का पूरा पाठ भी इसमें है?

हाँ। अंत में मिनी चालीसा है (गोस्वामी तुलसीदास कृत)। पाठभेद संभव हैं, इसलिए अपनी परंपरा के संस्करण से मिला लें।

क्या यह कोई परिणाम या फल का वादा करती है?

नहीं। यह भक्ति, निरंतरता और आत्म-चिंतन का सहारा है। सभी सुझाव वैकल्पिक हैं।

क्या फ़ाइल परिवार के साथ बाँट सकते हैं?

यह व्यक्तिगत भक्ति-उपयोग के लिए है। परिवार ट्रैकर में परिवार को साथ जोड़ें, पर फ़ाइल बेचें या आगे वितरित न करें।

१०८

एक पन्ना। एक दिन। एक संकल्प।

कल की प्रतीक्षा क्यों? आज ही पहला मनका भरिए।

॥ जय श्री राम · जय हनुमान ॥
108 दिन का संकल्प
₹599
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